सबद-55


सबद-55

ओ३म् रण घटिये कै खोज फिरन्ता । सुण सेवन्ता। खोज हस्ती को पायो ।। लूंकड़िये को खोज फिरंता सुण सेवन्ता खोज सुरह को पायो ।। मोथड़िये कै गूढ खणंता सुण सेवन्ता । लाधो थान सुथानो ।। रांघड़िये को घाट घड़न्ता सुण सेवन्ता । कंचन सोनो डायों ।। हस्ती चड़न्ता गेंवर गुड़न्ता । सुणहीं सुणहां भुंकत कायों  ।।५५।।