सबद-38


सबद-38

ओ३म् रे रे पिंड स पिंडू। निरघन जीव क्यूं खंडू ।। | ताछै खंड बिहंडू घड़ीये सै घमंडू ।। अइया पंथ कुपंथू । जइया गुरु न चीन्हों तइया सींच्या न मूलूं । कोई कोई बोलत थूलूं ।।३८।।